17 दिन बाद हुई कार्रवाई पर उठे सवाल

17 दिन बाद हुई कार्रवाई पर उठे सवाल

 डीआईजी के आदेश पर पति गिरफ्तार, 17 दिन बाद हुई कार्रवाई पर उठे सवाल

बलिया(राष्ट्र की संपत्ति)



उभांव थाना क्षेत्र में पति द्वारा शारीरिक शोषण और जान से मारने की धमकी के आरोप के मामले में 17 दिन बाद पुलिस कार्रवाई होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़िता संगीता देवी (परिवर्तित नाम) के अनुसार, 3 फरवरी 2026 को दिए गए आवेदन पत्र पर स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अंततः उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला पहुंचने के बाद डीआईजी के आदेश पर आरोपी पति को थाने लाया गया और गिरफ्तार किया गया।

पीड़िता का आरोप है कि उसने 3 फरवरी को थाना उभांव में लिखित प्रार्थना पत्र देकर पति पर लगातार शारीरिक शोषण, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया था। उसने यह भी उल्लेख किया था कि शिकायत करने पर उसके पूरे परिवार को खत्म कर देने की धमकी दी गई है। इसके बावजूद तत्काल कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

महिला के अनुसार, जब स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं हुई तो उसने उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई। मामला डीआईजी के संज्ञान में पहुंचा, जिसके बाद सख्त निर्देश जारी किए गए। डीआईजी के आदेश के क्रम में पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में लेकर थाने पर पूछताछ के लिए लाया और आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू की।

पीड़िता ने पुष्टि की है कि उसके पति को 17 दिन बाद गिरफ्तार किया गया। उसने सवाल उठाया है कि यदि 3 फरवरी को ही प्रभावी कार्रवाई की गई होती तो उसे इतने दिनों तक भय और असुरक्षा के माहौल में नहीं रहना पड़ता। उसने मांग की है कि मामले में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की भी जांच होनी चाहिए।

इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर गंभीर आरोपों वाले मामलों में तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। महिला उत्पीड़न के मामलों में देरी पीड़ित पक्ष के लिए मानसिक पीड़ा और असुरक्षा की स्थिति उत्पन्न कर देती है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, उच्चाधिकारियों के निर्देश पर मामले की जांच तेज कर दी गई है और संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी बताया गया कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो उसके विरुद्ध भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

फिलहाल आरोपी पति पुलिस हिरासत में है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है। पीड़िता ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और स्थायी सुरक्षा की मांग की है, ताकि उसे और उसके परिवार को न्याय मिल सके।उक्त बात को कथित महिला (पत्नी) कह रही है और उक्त बात की पुष्टि हम नही करते 

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