नारायनपाली में जनचौपाल


नारायनपाली में जनचौपाल 

 नारायनपाली में जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों को किया गया जागरूक

गड़वार (बलिया)। 


स्थानीय विकास खंड क्षेत्र के नारायनपाली गांव स्थित पंचायत भवन में शनिवार को सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं ग्रामीणों को जागरूक करने के उद्देश्य से जनचौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही।

जनचौपाल की अध्यक्षता सहायक विकास अधिकारी (कृषि) वेदव्यास सिंह ने की। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से पहुंचे। उन्होंने किसानों से कृषि विभाग की योजनाओं, बीज वितरण, मृदा परीक्षण, फसल बीमा योजना तथा अन्य अनुदान आधारित योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।

ग्राम सचिव आनंद कुमार राव ने ग्रामीणों को विकसित भारत संकल्प से जुड़े कार्यक्रमों, वृद्धा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, विधवा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा व्यक्तिगत शौचालय निर्माण योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पात्र लाभार्थी आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। मौके पर ही कई पात्र किसानों का फार्मर रजिस्ट्रेशन भी कराया गया, जिससे ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिला।

चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं भी खुलकर अधिकारियों के समक्ष रखीं। कई लोगों ने बताया कि वर्षों से नाली की व्यवस्था न होने के कारण बरसात के समय जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती थी, जिससे आवागमन में दिक्कत होती थी। इस पर जानकारी दी गई कि वर्तमान ग्राम प्रधान द्वारा नाली निर्माण का कार्य प्रगति पर है और शीघ्र ही समस्या का समाधान हो जाएगा।

एडीओ (कृषि) वेदव्यास सिंह ने ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा त्वरित निस्तारण का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जनचौपाल का उद्देश्य केवल योजनाओं की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना भी है।

इस अवसर पर प्रधान प्रतिनिधि अनिल यादव, तारकेश्वर दुबे, गुड्डू खरवार, संतोष यादव, विमला देवी, सुमन देवी, सुनीता देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजन नियमित रूप से किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।

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