ब्लैकआउट मॉकड्रिल, आपदा प्रबंधन की तैयारियों का प्रदर्शन

 ब्लैकआउट मॉकड्रिल, आपदा प्रबंधन की तैयारियों का प्रदर्शन

नेताजी की जयंती पर बलिया में ब्लैकआउट मॉकड्रिल, आपदा प्रबंधन की तैयारियों का प्रदर्शन

बलिया। 


नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को नवीन मंडी परिसर, तीखमपुर में जिला प्रशासन द्वारा एक व्यापक ब्लैकआउट मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह एवं पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह की उपस्थिति में आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य हवाई हमले, अग्निकांड तथा अन्य आपदाजनित परिस्थितियों से निपटने की प्रशासनिक और नागरिक तैयारियों को परखना रहा। कार्यक्रम का संचालन नागरिक सुरक्षा विभाग की अगुवाई में विभिन्न आपातकालीन सेवाओं के समन्वय से किया गया।

मॉकड्रिल की शुरुआत संभावित हवाई हमले की चेतावनी के प्रतीक सायरन से हुई, जिसके साथ ही निर्धारित समय के लिए पूरे परिसर में ब्लैकआउट लागू कर दिया गया। अचानक अंधेरा छा जाने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाने और सतर्क रहने की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया। इसके बाद काल्पनिक हमले से उत्पन्न अग्निकांड की स्थिति दर्शाई गई, जिस पर अग्निशमन विभाग की टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आधुनिक उपकरणों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रदर्शन किया। दमकल कर्मियों की तत्परता और तकनीकी दक्षता ने उपस्थित लोगों को प्रभावित किया।

घायलों के उपचार की व्यवस्था भी इस मॉकड्रिल का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। स्काउट गाइड, रेड क्रॉस, नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों और सीसी टीमों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को प्राथमिक उपचार दिया। स्ट्रेचर के माध्यम से सुरक्षित निकासी, प्राथमिक चिकित्सा, रक्तस्राव रोकने की तकनीक और एंबुलेंस तक पहुंचाने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आपात स्थिति में सामूहिक चिकित्सा प्रबंधन की झलक प्रस्तुत की।

जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कहा कि इस प्रकार के मॉकड्रिल वास्तविक आपदा के समय घबराहट को कम करने और त्वरित निर्णय लेने में मददगार होते हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन का प्रयास है कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि किसी भी संकट की घड़ी में जनहानि को न्यूनतम रखा जा सके। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने भी कहा कि आपदा प्रबंधन केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि जनभागीदारी से ही प्रभावी बनता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि ऐसे अभ्यासों को गंभीरता से लें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

कार्यक्रम में एडीएम अनिल कुमार, नगर मजिस्ट्रेट आशाराम वर्मा, आपदा विशेषज्ञ पीयूष कुमार सिंह, पुलिस बल, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नागरिक सुरक्षा, रेड क्रॉस, स्काउट गाइड, एनसीसी तथा विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही। बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने भी मॉकड्रिल को गंभीरता से देखा और प्रशासन की तैयारियों की सराहना की। यह अभ्यास न केवल आपदा प्रबंधन की तैयारियों का प्रदर्शन रहा, बल्कि नागरिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी साबित हुआ।

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