कुष्ठ जागरूकता कार्यक्रम
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेरुआरबारी में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर आयोजित कुष्ठ जागरूकता कार्यक्रम में माल्यार्पण करते चिकित्साधिकारी व स्वास्थ्यकर्मी।
गांधी पुण्यतिथि पर मनाया गया कुष्ठ दिवस, जागरूकता पर दिया गया जोर
सुखपुरा (बलिया)।
डॉ. श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी कुष्ठ रोगियों के प्रति विशेष स्नेह और सेवाभाव रखते थे। उन्होंने समाज को यह संदेश दिया कि कुष्ठ रोग से पीड़ित लोगों की सेवा करने या उनके संपर्क में रहने से यह रोग नहीं फैलता। उन्होंने बताया कि कुष्ठ एक जीवाणुजनित बीमारी है, जिसका समुचित और पूर्ण इलाज संभव है। समय रहते पहचान हो जाए तो मरीज पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी सकता है।
उन्होंने लोगों को कुष्ठ रोग के शुरुआती लक्षणों की जानकारी देते हुए बताया कि त्वचा पर हल्के रंग के दाग या धब्बे, जिनमें दर्द या खुजली नहीं होती, इस बीमारी के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए। सरकार द्वारा सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर कुष्ठ की जांच और दवा निःशुल्क उपलब्ध है।
एनएमएस धनेश पांडेय ने बताया कि जनपद में 30 जनवरी से 13 फरवरी 2026 तक कुष्ठ पखवारा मनाया जा रहा है। इस दौरान ग्राम सभाओं, विद्यालयों और धार्मिक स्थलों पर व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान कर रही हैं और उन्हें इलाज के लिए प्रेरित कर रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कुष्ठ रोग के प्रति समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना बेहद जरूरी है। सही जानकारी और समय पर उपचार से न केवल मरीज स्वस्थ हो सकता है, बल्कि विकलांगता से भी बचा जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने कुष्ठ उन्मूलन का संकल्प लिया। इस अवसर पर डॉ. प्रमोद शुक्ला, धर्मेंद्र सिंह, रमाशंकर यादव, अमित, मुकेश, संपति, राजनाथ, संतोष गुप्ता, राघवेन्द्र, दीप आकाश, अरविंद सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी व कर्मचारी उपस्थित रहे।



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