जिलाधिकारी की अध्यक्षता में अवैध खनन व ओवरलोडिंग पर हुई समीक्षा

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में अवैध खनन व ओवरलोडिंग पर हुई समीक्षा

बलिया

 जिलाधिकारी की अध्यक्षता में अवैध खनन व ओवरलोडिंग पर हुई समीक्षा

भरौली गोलंबर पर रोज गुजरते हैं 800 ट्रक, डीएम ने चेकिंग में सख्ती के दिए आदेश

एनएच-922 सड़क पर बनेंगे चार ब्रेकर, पांच दिन में पूरा करने का आदेश

नंबर प्लेट पर ग्रीस लगाकर बच रहे ट्रक, डीएम ने पुलिस को दी चेतावनी

बलिया।

 जनपद में अवैध खनन तथा खनिजों के ओवरलोड परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए गठित जिला स्तरीय कार्यबल की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में अवैध खनन, ओवरलोडिंग, फर्जी नंबर प्लेट तथा जांच से बचने के लिए अपनाए जा रहे नए तरीकों पर गंभीरता से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसमें लिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में अधिकारियों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि भरौली गोलंबर से प्रतिदिन लगभग 800 से अधिक ट्रक गुजरते हैं। इनमें बड़ी संख्या में खनिज से लदे ट्रक होते हैं। कई वाहन चालक चेकिंग से बचने के लिए नंबर प्लेट पर ग्रीस या मिट्टी पोत देते हैं या फिर नंबर प्लेट ही बदल देते हैं। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए चेक पोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक ट्रक की नंबर प्लेट की बारीकी से जांच की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित कर्मियों का वेतन रोकने सहित विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को भी सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने आरटीओ अरुण कुमार राय को पूरे प्रकरण की नियमित समीक्षा कर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने को कहा। साथ ही मांझी घाट से प्रतिदिन गुजरने वाले लगभग 60 वाहनों की सघन निगरानी करने का भी निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मिट्टी या अन्य खनिज के खनन के लिए वैध पट्टा और अनुमति पत्र अनिवार्य होगा। बिना अनुमति खनन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर वाहन सीज किए जाएं।

सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने एनएच-922 मार्ग पर दुर्घटनाओं की आशंका वाले एक स्थान पर चार छोटे ब्रेकर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभाग को पांच दिनों के भीतर ब्रेकर निर्माण कार्य पूरा कर उन्हें सफेद रंग से पेंट कराने का आदेश दिया, ताकि दूर से ही वाहन चालकों को ब्रेकर दिखाई दे सकें।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि अवैध खनन राजस्व की हानि के साथ-साथ पर्यावरण और सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। इसलिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से नियमित जांच अभियान चलाएं और कार्रवाई की रिपोर्ट प्रतिदिन प्रस्तुत करें। बैठक में पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, एडीएम अनिल कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन, अपर पुलिस अधीक्षक कृपा शंकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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