बुढ़वा शिव मंदिर में चोरी की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस, सर्विलांस से मिले अहम सुराग
क्षेत्र के ऐतिहासिक बुढ़वा शिव मंदिर में हुई बड़ी चोरी की घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। हौसला बुलंद चोरों ने मंदिर परिसर से शिवलिंग, देवी-देवताओं के आभूषण एवं दान पेटी में रखी नगदी चुरा ले गए। धार्मिक आस्था से जुड़े इस मामले ने न केवल ग्रामीणों को आहत किया है, बल्कि मंदिर कमेटी और प्रशासन के सामने भी गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। घटना के बाद से इलाके में आक्रोश का माहौल है और लोग चोरी के शीघ्र खुलासे की मांग कर रहे हैं।
चोरी की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। लगातार कई दिनों से पुलिस और सर्विलांस टीम मामले की तह तक पहुंचने के लिए जुटी हुई है। सूत्रों के अनुसार सर्विलांस के माध्यम से कुछ मोबाइल नंबर पुलिस के राडार पर आए हैं, जिनकी लोकेशन और कॉल डिटेल की जांच जारी है। पुलिस ने कई संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ प्रारम्भ की है, जबकि कुछ संदिग्ध अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। अधिकारियों का मानना है कि तकनीकी जांच के आधार पर जल्द ही चोरी का खुलासा संभव है।
अपर पुलिस अधीक्षक कृपाशंकर तथा क्षेत्राधिकारी (सदर) मु. उस्मान रोज शाम थाने पहुंचकर जांच की कार्यवाही की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। दोनों अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। थानाध्यक्ष सहित अलग-अलग पुलिस टीमें गठित कर चोरी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच तेजी से की जा रही है। पुलिस ने मंदिर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले हैं, जबकि आधा दर्जन मोबाइल नंबरों की गतिविधियां लगातार निगरानी में हैं। अब तक दर्जनों लोगों से पूछताछ की जा चुकी है और कुछ को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
इधर, मंदिर कमेटी के सदस्य भी मामले को लेकर सक्रिय हैं। बुधवार को मंदिर समिति के प्रमुख लोग थाने पहुंचे और प्रभारी निरीक्षक से मिलकर चोरी के शीघ्र खुलासे की मांग की। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल से शिवलिंग और आभूषण की चोरी आस्था पर चोट है, इसलिए अपराधियों को जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
चोरी की घटना के बीच मंदिर में धार्मिक गतिविधियां भी जारी हैं। शिवलिंग की पुनः स्थापना के लिए मंदिर कमेटी ने महान संत हरिहरणंद जी महाराज से संपर्क किया है। इसी कड़ी में बुधवार से मंदिर परिसर में हरी-कीर्तन का शुभारंभ किया गया। गुरुवार को संत हरिहरणंद जी के आगमन की संभावना है, जिसके बाद उनके निर्णय के आधार पर नई शिवलिंग की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं और प्रशासन को मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए। उधर, पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि दो दिनों के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर चोरी हुए शिवलिंग और आभूषणों को बरामद करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिलने की उम्मीद है।


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