चांदपुर में पंचायत भवन का ताला तोड़कर कंप्यूटर, डीवीआर व सीसीटीवी कैमरा चोरी
गड़वार (बलिया)।
ठंड के मौसम में जहां आमजन ठिठुरन से जूझ रहा है, वहीं अपराधी तत्व सक्रिय होकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देने में लगे हुए हैं। क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं के बीच मंगलवार की रात चांदपुर गांव स्थित पंचायत भवन में हौसला बुलंद चोरों ने सेंध लगाकर बड़ी चोरी को अंजाम दिया। इस घटना से ग्राम पंचायत में हड़कंप मच गया है और लोगों में दहशत का माहौल व्याप्त है।
ग्राम प्रधान कनक पाण्डेय ने बताया कि बुधवार की सुबह जब वह पंचायत भवन पहुंचीं, तो देखा कि मुख्य द्वार का ताला टूटा हुआ है। अंदर प्रवेश करने पर पाया कि भवन के कार्यालय कक्ष में रखी कई महत्वपूर्ण और मूल्यवान वस्तुएं गायब थीं। चोरी हुई वस्तुओं में ऑफिस कम्प्यूटर, इन्वर्टर, डबल बैट्री, सोलर पैनल, सीसीटीवी कैमरा, डीवीआर सहित सात कुर्सियाँ शामिल हैं। घटना को देखकर प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि चोर पूरी तैयारी के साथ आए थे और उन्हें भवन के अंदर मौजूद सामान की पूरी जानकारी थी।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम और सर्विलांस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने टूटा ताला, खिड़कियों और आसपास के इलाकों का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। माना जा रहा है कि चोर रात के अंधेरे का फायदा उठाकर आसानी से घटनास्थल से फरार हो गए। पुलिस ने आसपास लगे अन्य प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगालने शुरू कर दिए हैं ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जा सके।
थानाध्यक्ष हितेश कुमार ने बताया कि घटना बेहद गंभीर है और इसे सुलझाने के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि चोरों ने पंचायत भवन से महत्वपूर्ण उपकरणों की चोरी की है, इसलिए जल्द ही मामले का पर्दाफाश करने के लिए तकनीकी और मानव दोनों प्रकार की इंटेलिजेंस का सहारा लिया जा रहा है। पुलिस ने आसपास के गांवों में भी संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी बढ़ा दी है। थानाध्यक्ष ने दावा किया कि जल्द ही चोरी की घटना का खुलासा कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन में सुरक्षा व्यवस्था लंबे समय से कमजोर थी। न तो भवन पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था थी और न ही सुरक्षा गार्ड की तैनाती। कई बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था। ग्रामीणों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पंचायत भवन की सुरक्षा मजबूत की जाए और चोरी हुए सामान की जल्द से जल्द बरामदगी सुनिश्चित की जाए।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सर्दियों का मौसम चोरों के लिए सक्रियता का समय बनता जा रहा है। पुलिस प्रशासन के लिए यह बड़ी चुनौती है कि वह क्षेत्र में बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाए और लोगों में सुरक्षा की भावना बहाल करे।



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