सोबईबांध करनई में मेगा मानसिक स्वास्थ्य परामर्श सत्र आयोजित

  सोबईबांध करनई में मेगा मानसिक स्वास्थ्य परामर्श सत्र आयोजित

मानसिक स्वास्थ्य परामर्श सत्र में छात्राओं को संबोधित करतीं परामर्शदाता कृतिका अग्रवाल

सुखपुरा (बलिया)। डीएसईटी पब्लिक स्कूल, सोबईबांध करनई में मेगा मानसिक स्वास्थ्य परामर्श सत्र आयोजित
डीएसईटी पब्लिक स्कूल, सोबईबांध करनई (बलिया) में छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक भव्य और उपयोगी मेगा मानसिक स्वास्थ्य परामर्श सत्र का आयोजन किया गया। इस विशेष सत्र का संचालन प्रसिद्ध मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदाता श्रीमती कृतिका अग्रवाल द्वारा किया गया, जो सामाजिक सरोकारों से जुड़ी संस्था “मनोशाला” के माध्यम से समाजहित में निरंतर कार्य कर रही हैं। उल्लेखनीय है कि वह बलिया जिले के मुख्य विकास अधिकारी की धर्मपत्नी भी हैं।


कार्यक्रम के दौरान श्रीमती अग्रवाल ने छात्राओं से मानसिक तनाव, भावनात्मक संतुलन, परीक्षा के दबाव, सोशल मीडिया के प्रभाव, आत्मविश्वास की कमी तथा संवादहीनता जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को समझाया कि मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक स्वास्थ्य। उन्होंने सरल उदाहरणों और व्यवहारिक उपायों के माध्यम से बताया कि नकारात्मक विचारों से कैसे बचा जाए और सकारात्मक सोच कैसे विकसित की जाए।

इस मैराथन परामर्श सत्र में लगभग 150 से अधिक छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। छात्राओं ने अपनी जिज्ञासाएँ भी रखीं, जिनका समाधान परामर्शदाता ने बेहद सहज और प्रेरक शैली में किया। कई छात्राओं ने पहली बार मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषय पर खुलकर बात करने का अनुभव साझा किया और इसे अत्यंत लाभकारी बताया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री सुनील कुमार सिंह ने श्रीमती कृतिका अग्रवाल को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अत्यंत आवश्यक है और ऐसे सत्र विद्यालयों में नियमित रूप से होने चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर शोध कार्य में सुश्री कृतिका अग्रवाल ने कैलिफोर्निया स्थित आंतरिक चिकित्सा विभाग से जुड़े विशेषज्ञों के साथ अकादमिक सहयोग किया है, जिसमें डॉ. विजय प्रकाश तिवारी (एमडी) का भी उल्लेख किया गया। इस उपलब्धि ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।

इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकगण, गणमान्य नागरिक तथा अभिभावक प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। विद्यालय प्रशासन ने आशा व्यक्त की कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को मानसिक रूप से मजबूत, आत्मनिर्भर और जीवन की चुनौतियों के प्रति सजग बनाएंगे।

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