शादी का झांसा देकर वर्षों तक शोषण का आरोप
शादी का झांसा देकर वर्षों तक शोषण का आरोप, युवक फरार — पीड़िता न्याय के लिए भटकने को मजबूर
जनपद में एक विवाहिता महिला के साथ कथित रूप से प्रेम और शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक व आर्थिक शोषण किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता और उसके परिजनों ने बिछी बोझ निवासी अजीत यादव पुत्र हरदेव यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं, हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों के अनुसार, आरोपी ने महिला को प्रेमजाल में फंसाकर उससे शादी करने का भरोसा दिलाया। आरोप है कि इसी विश्वास के आधार पर वह कई वर्षों तक उसके साथ संबंध बनाता रहा। महिला का कहना है कि इस दौरान आरोपी ने उससे बार-बार पैसों की मांग भी की। बताया जा रहा है कि पीड़िता अपने बैंक खाते से मोबाइल बैंकिंग के जरिए या नकद राशि देकर आरोपी की आर्थिक मदद करती रही। परिवार का दावा है कि आरोपी ने महिला की भावनाओं और विश्वास का फायदा उठाकर उसका आर्थिक शोषण किया।
करीब तीन महीने पहले आरोपी महिला को अपने साथ हरियाणा ले गया। पीड़िता के अनुसार, वहां भी उसने शादी करने का आश्वासन दिया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया। कुछ समय बाद जब दोनों वापस बलिया आए तो महिला ने विवाह को लेकर दबाव बनाया। आरोप है कि इसके बाद युवक का व्यवहार बदल गया और वह टालमटोल करने लगा।
इसी बीच महिला के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी को लेकर फेफना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस की सक्रियता बढ़ी और आरोपी महिला को लेकर वापस जिले में आया। इसके बाद दोनों पक्ष सिकंदरपुर थाने पहुंचे, जहां परिजनों के अनुसार चार दिनों तक बातचीत और समझौते की कोशिश होती रही। आरोप है कि इस दौरान आरोपी कभी शादी के लिए तैयार होने की बात करता, तो कभी साफ इनकार कर देता था।
परिजनों का कहना है कि अंततः युवक यह कहकर वहां से चला गया कि “दो दिन बाद शादी की बात तय करेंगे”, लेकिन इसके बाद से वह फरार है। पीड़िता मानसिक रूप से आहत बताई जा रही है और न्याय की मांग को लेकर दर-दर भटक रही है। परिवार ने सवाल उठाया है कि जब मामला थाने तक पहुंच गया था तो आरोपी को बिना ठोस कानूनी कार्रवाई के जाने कैसे दिया गया।
कानूनी जानकारों के अनुसार, यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो इस मामले में भारतीय दंड संहिता की कई धाराएं लागू हो सकती हैं। शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के आरोपों की पुष्टि होने पर धारा 376 (बलात्कार) की जांच की जा सकती है, क्योंकि धोखे से प्राप्त सहमति को अदालत परिस्थितियों के आधार पर अमान्य मान सकती है। आर्थिक लेन-देन में धोखाधड़ी के आरोप सिद्ध होने पर धारा 420 (धोखाधड़ी) या धारा 417 (छल) लागू हो सकती है। यदि यह साबित होता है कि आरोपी ने महिला को वैध विवाह का भ्रम पैदा कर संबंध बनाए, तो धारा 493 (कपटपूर्वक विवाह का विश्वास उत्पन्न कर सहवास) भी प्रासंगिक हो सकती है। वहीं, यदि आरोपी पहले से विवाहित होने के बावजूद दूसरी शादी करने की कोशिश करता पाया गया, तो धारा 494 (बहुविवाह) के तहत भी जांच संभव है।
इसके अतिरिक्त, पीड़िता घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 के तहत मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न की शिकायत भी दर्ज करा सकती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तहरीर, बैंक लेन-देन के रिकॉर्ड, मोबाइल बातचीत और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना की जा रही है।
स्थानीय लोगों में घटना को लेकर चर्चा है और कई लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्हें अब तक ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है। मामला संवेदनशील होने के कारण सबकी नजर अब पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी है।


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