डीएम ने गोवंश संरक्षण व जल निगम (ग्रामीण) कार्यों की समीक्षा की, दिए सख्त निर्देश
गौशालाओं में न्यूनतम 50 गोवंश रखने, नेपियर घास की खेती बढ़ाने और हर घर नल योजना समयबद्ध पूर्ण करने पर जोर
बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में गोवंश संरक्षण हेतु गठित जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। इसके साथ ही जल निगम (ग्रामीण) द्वारा संचालित योजनाओं, विशेषकर ‘हर घर नल योजना’, की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश देते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकताओं से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में अधिकारियों ने अवगत कराया कि जनपद में वर्तमान में कुल 30 गौशालाएं संचालित हैं, जिनमें लगभग 27 हजार गोवंश संरक्षित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक गौशाला में न्यूनतम 50 गोवंश अवश्य होने चाहिए। उन्होंने बताया कि पांच गौशालाओं में पशुओं की संख्या मानक से कम है, जहां लगभग 70 गोवंश अभी संरक्षित किए जाने शेष हैं। इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया कि शहरी क्षेत्रों में घूम रहे करीब 100 आवारा पशुओं को शीघ्र पकड़कर गौशालाओं में संरक्षित कराया जाए।
जिलाधिकारी ने गौशालाओं में गोवंश के लिए पर्याप्त चारा, भूसा, स्वच्छ पेयजल, ठंड से बचाव एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुओं के संरक्षण में किसी भी प्रकार की अनदेखी गंभीरता से ली जाएगी। हरे चारे की उपलब्धता को लेकर उन्होंने नेपियर घास की खेती पर विशेष जोर दिया और निर्देश दिए कि सभी विकास खंडों में ग्राम प्रधानों के साथ बैठक कर इसकी खेती को प्रोत्साहित किया जाए।
बैठक में गौशालाओं में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी समीक्षा की गई। नगरा क्षेत्र में तीन सीसीटीवी कैमरे खराब पाए जाने पर जिलाधिकारी ने तत्काल नए कैमरे लगवाने के निर्देश दिए, ताकि निगरानी व्यवस्था प्रभावी बनी रहे।
इसके बाद जल निगम (ग्रामीण) द्वारा संचालित ‘हर घर नल योजना’ की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश कार्य पूर्ण हो चुके हैं और कुछ स्थानों पर अभिग्रहण संबंधी कार्य शेष हैं। रसड़ा क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाने में पीडब्ल्यूडी की सड़क बाधा बनने पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी को निर्देश दिया कि जल निगम के अधिकारियों के साथ समन्वय कर शीघ्र बैठक कर कार्य प्रारंभ कराया जाए।
विद्युत कनेक्शन में हो रही देरी पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। बताया गया कि जल निगम द्वारा वर्ष 2024 में भुगतान के बावजूद कई स्थानों पर विद्युत कनेक्शन नहीं दिया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने एक्सईएन विद्युत को तत्काल कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं चिलकहर क्षेत्र में वर्ष 2022 में भुगतान के बाद भी कनेक्शन न मिलने पर एसडीओ रसड़ा को फटकार लगाते हुए तुरंत व्यवस्था करने को कहा।
जिलाधिकारी ने बताया कि जल निगम (ग्रामीण) द्वारा अब तक लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। शेष कार्यों को शीघ्र शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ‘नल जल मित्र’ योजना के अंतर्गत 940 ग्राम पंचायतों में पंचायत स्तर पर भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा गया। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील कुमार मिश्रा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


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