दिनदहाड़े हवाई फायरिंग से दहशत,
दोकटी थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े हवाई फायरिंग से दहशत, छह माह में तीसरी घटना पर पुलिस की अनभिज्ञता सवालों के घेरे में
लालगंज (बलिया)।
घटना की सूचना तत्काल लालगंज पुलिस को दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल से एक खाली खोखा भी बरामद कर अपने साथ ले गई। इसके बावजूद पुलिस द्वारा घटना से इनकार किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस यह कहकर पल्ला झाड़ रही है कि इस तरह की कोई घटना हुई ही नहीं, जिससे लोगों में आक्रोश और भय दोनों व्याप्त हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। बीते छह माह में लालगंज चौकी क्षेत्र में यह तीसरी बार दिनदहाड़े खुलेआम हवाई फायरिंग की घटना बताई जा रही है। इससे पहले 6 अगस्त 2025 को सेमरिया ढाला पर शराब तस्करों के आपसी वर्चस्व की लड़ाई में फायरिंग हुई थी। उस घटना ने भी क्षेत्र में दहशत फैला दी थी। इसके बाद 11 जनवरी 2026 को हृदयपुर माली बस्ती में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट के दौरान चाकू और गोली चलने की बात सामने आई थी। अब 19 जनवरी को चौबे की दलकी गांव में दिनदहाड़े मोटरसाइकिल सवारों द्वारा हथियार लहराते हुए फायरिंग किए जाने की घटना ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का मानना है कि क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक और असामाजिक तत्वों के बीच गुटबाजी और आपसी टकराव के कारण ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। यदि समय रहते इन पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है। लोगों का कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता और घटनाओं से इनकार करने का रवैया अपराधियों के हौसले बढ़ा रहा है।
इस संबंध में जब दोकटी थाना के थानाध्यक्ष अनुपम जायसवाल से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस तरह की किसी घटना की जानकारी नहीं है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस ने उनके सामने मौके से खोखा उठाया, इसके बावजूद अनभिज्ञता जताना समझ से परे है।
लगातार हो रही हवाई फायरिंग की घटनाओं से लालगंज और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बहाल हो सके और आम लोगों को सुरक्षा का भरोसा मिल सके।


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