बच्चों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें भविष्य की बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मानसिक रूप से तैयार करने के उद्देश्य से हिंदुस्तान ओलिंपियाड की परीक्षा मंगलवार को सुखपुरा क्षेत्र में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई गई। यह परीक्षा क्षेत्र के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों—सुखपुरा पब्लिक कान्वेंट स्कूल, ए.एस.एम. कान्वेंट स्कूल तथा गायत्री ज्ञानपीठ इंटर कॉलेज सुखपुरा—में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई, जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
हिंदुस्तान ओलिंपियाड को छात्रों की बौद्धिक क्षमता, तार्किक सोच और विषयगत समझ को परखने की एक सशक्त पहल के रूप में देखा जाता है। इस परीक्षा में शामिल होकर छात्र न केवल अपनी शैक्षणिक तैयारी का आकलन करते हैं, बल्कि भविष्य में होने वाली राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आत्मविश्वास भी अर्जित करते हैं। इसी उद्देश्य से परीक्षा को लेकर छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों में भी विशेष उत्साह देखा गया। अभिभावक बच्चों की तैयारी पर पैनी नजर बनाए हुए थे, ताकि वे बेहतर प्रदर्शन कर अपने विद्यालय और परिवार का नाम रोशन कर सकें।
सुखपुरा पब्लिक कान्वेंट स्कूल को बनाए गए परीक्षा केंद्र पर कुल 103 छात्र-छात्राओं को परीक्षा में शामिल होना था, जिनमें से चार छात्र अनुपस्थित रहे। वहीं ए.एस.एम. कान्वेंट स्कूल एवं गायत्री ज्ञानपीठ इंटर कॉलेज को संयुक्त रूप से बनाए गए परीक्षा केंद्र पर कुल 75 छात्र-छात्राओं का पंजीकरण था, जिनमें से एक छात्र अनुपस्थित रहा। शेष सभी विद्यार्थियों ने अनुशासन और एकाग्रता के साथ परीक्षा दी।
परीक्षा के दौरान सुरक्षा, अनुशासन और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा गया। परीक्षा कक्षों में शांत वातावरण बनाए रखा गया, जिससे विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र हल करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। केंद्रों पर समयबद्ध तरीके से प्रश्नपत्रों का वितरण और उत्तर पुस्तिकाओं का संकलन किया गया।
इस अवसर पर परीक्षा की सफलता में केंद्राधीक्षकों एवं शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एकेडमी हेड प्रवीण कुमार सिंह के नेतृत्व में रविंदर प्रजापति, कृष्णकांत यादव, अंचला, अमीषा, रोहित कुमार, पवन कुमार सिंह, पी.के. सिंह एवं सुनील उपाध्याय ने पूरी तत्परता और जिम्मेदारी के साथ परीक्षा कार्य संपन्न कराया। शिक्षकों के सहयोग और सुव्यवस्थित प्रबंधन के कारण परीक्षा पूरी तरह से शांतिपूर्ण रही।
कुल मिलाकर, हिंदुस्तान ओलिंपियाड परीक्षा ने छात्रों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना को बढ़ावा दिया और उन्हें आगे की शैक्षणिक चुनौतियों के लिए प्रेरित किया। क्षेत्र में इस आयोजन की सराहना की जा रही है और अभिभावकों ने भी इसे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सार्थक कदम बताया।



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