मानवता की मिसाल

 मानवता की मिसाल

बलिया पुलिस के जवानों ने रक्तदान कर बचाई 15 वर्षीय बच्ची की जान, मानवता की मिसाल

बलिया(राष्ट्र की संपत्ति)


बलिया में पुलिसकर्मियों द्वारा मानवता की मिसाल पेश किए जाने का प्रेरणादायक मामला सामने आया है। थाना सिकन्दरपुर और थाना गड़वार में तैनात दो कम्प्यूटर ऑपरेटरों ने समय पर रक्तदान कर एक गंभीर रूप से बीमार किशोरी की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। इस सराहनीय कार्य की पूरे जनपद में प्रशंसा की जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को पुलिस लाइन बलिया में आयोजित सैनिक सम्मेलन की बैठक समाप्त होने के बाद थाना सिकन्दरपुर के कम्प्यूटर ऑपरेटर राजू यादव तथा थाना गड़वार के कम्प्यूटर ऑपरेटर भीम कुमार किसी निजी कार्य से जिला अस्पताल बलिया गए थे। उसी दौरान उन्हें अस्पताल में भर्ती एक 15 वर्षीय बच्ची के बारे में जानकारी मिली, जिसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी।

बताया गया कि प्रीती राजभर, पुत्री रामदेव राजभर, निवासी मूड़ाडीह, थाना सहतवार, जनपद बलिया, किडनी से संबंधित गंभीर समस्या से जूझ रही थी। इसके साथ ही उसके शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा काफी कम हो गई थी, जिसके कारण तत्काल रक्त की आवश्यकता थी। बच्ची के परिजन अस्पताल में रक्त की व्यवस्था के लिए परेशान थे और समय तेजी से निकलता जा रहा था।

स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पुलिसकर्मियों ने बिना किसी देर किए स्वयं रक्तदान करने का निर्णय लिया। दोनों कर्मियों ने अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के बाद बच्ची के लिए रक्तदान किया। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर रक्त उपलब्ध न होने की स्थिति में मरीज की हालत और गंभीर हो सकती थी। रक्त चढ़ाए जाने के बाद बच्ची की स्थिति में सुधार हुआ और फिलहाल उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है।

रक्तदान के दौरान सोशल मीडिया सेल के कम्प्यूटर ऑपरेटर अमित कुमार यादव और थाना मनियर के कम्प्यूटर ऑपरेटर मनोज कुमार प्रजापति भी मौके पर मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया में सहयोग करते रहे।

बच्ची के परिजनों ने भावुक होकर पुलिसकर्मियों का आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि जब उन्हें कहीं से मदद नहीं मिल पा रही थी, तब पुलिस के जवान फरिश्ता बनकर सामने आए। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर समाज के प्रति अपनी मानवीय जिम्मेदारी भी पूरी करती है।

बलिया पुलिस के इन जवानों का यह कार्य न केवल सराहनीय है, बल्कि समाज के लिए प्रेरणास्रोत भी है। यह घटना बताती है कि रक्तदान जैसा छोटा सा कदम भी किसी के जीवन को बचाने में कितना बड़ा योगदान दे सकता है।

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