आकस्मिक निरीक्षण, व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा

 आकस्मिक निरीक्षण, व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा

जिला कारागार मऊ का हुआ आकस्मिक निरीक्षण, व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा

जनपद mau (राष्ट्र की संपत्ति)



जनपद मऊ स्थित जिला कारागार मऊ का आज दिनांक 24 दिसंबर 2025 को माननीय जिला जज महोदय बलिया, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) महोदय बलिया, पुलिस अधीक्षक बलिया, मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) बलिया एवं जेल अधीक्षक मऊ द्वारा संयुक्त रूप से आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का उद्देश्य कारागार की व्यवस्थाओं का वास्तविक स्थिति में आकलन कर उन्हें और अधिक सुदृढ़ बनाना रहा।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कारागार की सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों की वर्तमान स्थिति, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था, चिकित्सीय सुविधाएं, बैरकों की स्थिति, रसोईघर, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था तथा अभिलेखों का गहन अवलोकन किया। अधिकारियों ने विभिन्न बैरकों में जाकर बंदियों से सीधा संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं शिकायतों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। बंदियों द्वारा उठाए गए बिंदुओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा के क्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा कारागार चिकित्सालय का निरीक्षण किया गया। इस दौरान दवाइयों की उपलब्धता, उपचार व्यवस्था, चिकित्सकीय सेवाओं की गुणवत्ता तथा आपातकालीन स्वास्थ्य प्रबंधों की जांच की गई। चिकित्सकीय स्टाफ को निर्देशित किया गया कि बंदियों को समय पर समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी लापरवाही से बचा जाए।

इसके अतिरिक्त कारागार परिसर की साफ-सफाई, अनुशासनात्मक व्यवस्था एवं समग्र प्रशासनिक कार्यप्रणाली का भी अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि बंदियों को मानवीय एवं सुरक्षित वातावरण मिल सके।

निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को दूर करने एवं व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। संयुक्त निरीक्षण के उपरांत जेल अधीक्षक मऊ एवं जिला कारागार प्रशासन को सुधारात्मक सुझाव भी प्रदान किए गए, जिससे भविष्य में बंदियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें और कारागार की कार्यप्रणाली और अधिक पारदर्शी एवं सुदृढ़ बन सके।

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