कुड़ा निस्तारण केन्द्र का भी निर्माण कर उसका उद्घाटन भी हो चुका है। बावजूद इसके आज तक वह चालू नहीं हो पाया है।


केन्द्र से लेकर प्रदेश सरकार तक सफाई के नाम पर लाखो रुपया महिना   खर्च कर पानी की तरह बहा  रही है।दुसरी तरफ गांव में लाखों की लागत से कुड़ा निस्तारण केन्द्र का भी निर्माण कर उसका उद्घाटन भी हो चुका है। बावजूद इसके आज तक वह चालू नहीं हो पाया  है।

सुखपुरा(बलिया)। केन्द्र से लेकर प्रदेश सरकार तक सफाई के नाम पर लाखो रुपया महिना   खर्च कर पानी की तरह बहा  रही है।दुसरी तरफ गांव में लाखों की लागत से कुड़ा निस्तारण केन्द्र का भी निर्माण कर उसका उद्घाटन भी हो चुका है। बावजूद इसके आज तक वह चालू नहीं हो पाया  है।


कस्बा में सफाई नाम मात्र का नहीं दिख रहा है। सुखपुरा  अस्पताल के बाहर गंदगी का इतना अम्बार है। कि मरीज का तिमारदार भी बिमार‌ पड़ जाएगा। जबकि इस गांव में दो दो कुड़ा गाड़ी भी चलाया जाता है। अस्पताल के मुख्य गेट पर आने जाने वाले लोग सरकार की सफाई योजना को लेकर कोस रहे हैं। अस्पताल के अलावे मुख्य मार्ग के किनारे भी कुड़ा,पुराने स्टेट बैंक के पास मुख्य मार्ग के किनारे, राजेश्वर सिंह के दरवाजे के समीप मार्ग ,शहीद स्मारक के सामने पलास्टिक बैंक ऐसे गांव के दर्जनों स्थान पर ये कूडे  का अम्बार देखने को मिल जाएगा।

सुखपुरा ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत स्वस्थ सुखपुरा नाम पर लाखों रुपया पानी की तरह बहाया गया है। लोगों ने जिलाधिकारी  बलिया से काश एक बार न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुखपुरा का निरीक्षण करते तो अस्पताल से लेकर और गांव सभा सुखपुरा की पोल खुल जाती। लोगों द्वारा इसकी शिकायत कई बार सम्बंधित अधिकारियों से भी किया गया। लेकिन कोई असर नहीं दिख रहा। ग्राम सचिव न तो मिलते हैं न ही फोन उठाते हैं।
सुखपुरा में गंदगी को लेकर समाजसेवी रोहित कुमार सिंह ने जिलाधिकारी से शिकायत किया है कि यहां के सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाय। जिससे लोगों में बीमारी फैलने का डर न हो।कुड़ा निस्तारण केन्द्र जिस उद्देश्य से बना है। उसका उद्देश्य पुरा हो।रोहित सिंह ने जिलाधिकारी से मांग किया है कि जगह जगह नाली की पटीया‌ टूट गया।  और पानी सड़कों पर बहता है ।वह नाली भी दुरुस्त कराया जाय।

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