धूमधाम से निकली संत रविदास जी की भव्य शोभायात्रा
स्थानीय कस्बा गड़वार में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर रविवार को संत रविदास बाबा कमेटी के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। शोभायात्रा में हाथी, घोड़े और गाजे-बाजे की आकर्षक व्यवस्था ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।
शोभायात्रा की शुरुआत पियरिया मार्ग स्थित संत रविदास मंदिर से हुई। मंदिर परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद संत रविदास बाबा की सुसज्जित प्रतिमा को रथ पर विराजमान कर यात्रा प्रारंभ की गई। श्रद्धालु “जय गुरुदेव रविदास” और “संत रविदास महाराज की जय” के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। शोभायात्रा पियरिया मार्ग से होते हुए बभनौली तक गई और वहां से वापस होकर थाना चौराहा, मुख्य बाजार तथा त्रिकालपुर तिराहे तक पहुंची। इसके बाद पुनः उसी मार्ग से लौटते हुए यात्रा मंदिर परिसर में आकर संपन्न हुई।
पूरे मार्ग में जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों ने जलपान की भी व्यवस्था की थी। शोभायात्रा में संत रविदास बाबा की भव्य झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसके अतिरिक्त आधा दर्जन से अधिक ई-रिक्शाओं पर विभिन्न महापुरुषों के बड़े चित्रों के साथ सुंदर झांकियां सजाई गई थीं, जिन्हें देखने के लिए रास्ते भर लोगों की भीड़ उमड़ती रही।
महिलाओं, पुरुषों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। महिलाएं भक्ति गीत गाते हुए चल रही थीं, वहीं युवा ढोल-नगाड़ों की ताल पर झूमते नजर आए। पूरे कस्बे का वातावरण संत रविदास के जयकारों से गूंज उठा, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत स्थानीय पुलिस भी मुस्तैद रही, जिससे शोभायात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि संत रविदास जी के आदर्श—समता, भाईचारा और मानवता—को जन-जन तक पहुंचाना ही इस आयोजन का उद्देश्य है।
इस अवसर पर ददन राम, अरविंद सिंह, रामलाल, वीरेंद्र राम, शंकर भारती, रोहित यादव, नरेंद्र प्रसाद, मुन्ना प्रसाद, अनिल, मन्नू सिंह, फिरोज अंसारी, बब्बन सिंह, सतीश उपाध्याय, कौशल कुमार, हीरालाल कौशल, वीरेन्द्र राम, लोहा राम, करन साहनी सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन की भव्यता और अनुशासन ने सभी का मन मोह


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