ग्रामीण विकास में पत्रकारों की भूमिका पर हुई विचार गोष्ठी
ग्रामीण विकास में पत्रकारों की भूमिका पर हुई विचार गोष्ठी, बाबू बालेश्वर लाल की 95वीं जयंती पर श्रद्धांजलि
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के संस्थापक स्मृति शेष बाबू बालेश्वर लाल की 95वीं जयंती के अवसर पर गुरुवार को बालेश्वर लाल मार्ग, गड़वार में “ग्राम्य विकास में पत्रकारों की भूमिका” विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले भर से आए पत्रकारों, समाजसेवियों एवं गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया। इस अवसर पर बाबू बालेश्वर लाल के चित्र एवं प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व विधायक भगवान पाठक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष ओमप्रकाश द्विवेदी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक भगवान पाठक ने कहा कि ग्रामीण पत्रकारिता पत्रकारिता की आत्मा है। ग्रामीण पत्रकार विषम परिस्थितियों में कार्य करते हुए गांव-देहात की छोटी-बड़ी समस्याओं को प्रमुखता से प्रकाशित कर शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने में भी ग्रामीण पत्रकारों की अहम भूमिका होती है।
श्री पाठक ने कहा कि पत्रकारिता करना कोई आसान कार्य नहीं है। वर्तमान समय में पत्रकारों के समक्ष अनेक चुनौतियां खड़ी हैं, बावजूद इसके वे निर्भीक होकर समाज के लिए कार्य कर रहे हैं। बाबू बालेश्वर लाल ने ग्रामीण पत्रकारों की पीड़ा और समस्याओं को नजदीक से समझा और उनके हितों की रक्षा के लिए ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की स्थापना की, जो आज भी पत्रकारों के कल्याण के लिए निरंतर सक्रिय है।
प्रदेश उपाध्यक्ष ओमप्रकाश द्विवेदी ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन संख्या बल के आधार पर प्रदेश का सबसे बड़ा पत्रकार संगठन है। इसका विस्तार अब प्रदेश की सीमाओं से निकलकर देश के अन्य राज्यों तक हो चुका है। उन्होंने संगठन के उद्देश्यों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा पत्रकारों से संगठन की मजबूती के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन ने कहा कि सच अक्सर कड़वा होता है, लेकिन उसे प्रभावी और मर्यादित ढंग से प्रस्तुत करना ही पत्रकारिता की कला है। उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश महापुरुष किसी न किसी रूप में पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं और अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को दिशा देने का कार्य किया है। कलम में अपार शक्ति होती है और पत्रकार अपनी लेखनी के जरिए विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सौरभ कुमार ने बाबू बालेश्वर लाल के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन पत्रकारों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने संस्था की प्रगति, उपलब्धियों और सामाजिक योगदान पर भी चर्चा की।
इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्तव, सुमंत दुबे, आनंद सिंह, शमीम अंसारी भोला, सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, श्याम प्रकाश शर्मा, नवीन कुमार गुप्ता, प्रभाकर सिंह, अभिजीत सिंह, सुधीर मिश्रा, सुनील शर्मा, कन्हैया वर्मा, ओमप्रकाश पाण्डेय, अमित पांडे, ओमप्रकाश शर्मा, पवन यादव, केपी चमन, सीताराम शर्मा सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मोती पटेल द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सभी का मन मोह लिया। गोष्ठी की अध्यक्षता डॉ. विनय सिंह ने की जबकि संचालन छोटेलाल चौधरी ने किया।




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