सुखपुरा में बुढ़वा शिव मंदिर में छः दिवसीय शिवलिंग जीर्णोद्धार एवं पुनः प्रतिष्ठा अनुष्ठान जारी

सुखपुरा /बलिया

क्षेत्र के प्रसिद्ध बुढ़वा शिव मंदिर के प्रांगण में मंगलवार से आरंभ हुआ छः दिवसीय शिवलिंग जीर्णोद्धार एवं पुनः प्रतिष्ठा पूजन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में निरंतर चल रहा है। इस पावन अनुष्ठान के दूसरे दिन बुधवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विभिन्न धार्मिक क्रियाएं संपन्न कराई गईं, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।

दूसरे दिन के पूजन-अनुष्ठान का संचालन आचार्य सुनील पाण्डेय द्वारा किया गया। इस अवसर पर विधिवत रूप से वेदी पूजन, पंचांग पूजन तथा शिव प्रतिष्ठा रुद्राभिषेक संपन्न हुआ। सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर परिसर में एकत्र होकर भगवान शिव की आराधना में लीन नजर आए। मंत्रों की गूंज और शंख-ध्वनि से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।



आचार्य सुनील पाण्डेय ने उपस्थित श्रद्धालुओं को अनुष्ठानों का धार्मिक महत्व बताते हुए कहा कि वेदी पूजन के माध्यम से एक पवित्र और सकारात्मक ऊर्जा से युक्त स्थान का निर्माण किया जाता है, जहां देवताओं का आह्वान किया जाता है। पंचांग पूजन में पाँच प्रमुख तत्वों एवं देव शक्तियों का पूजन होता है, जिससे समस्त कार्यों में शुभता और संतुलन बना रहता है।

उन्होंने बताया कि शिव प्रतिष्ठा रुद्राभिषेक भगवान शिव को प्रसन्न करने का अत्यंत महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। इसमें जल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बने पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है। साथ ही “ॐ नमः शिवाय” जैसे पवित्र मंत्रों का जाप किया जाता है, जिससे साधक को सुख, समृद्धि, शांति और ग्रह दोषों से मुक्ति की प्राप्ति होती है। यह अनुष्ठान व्यक्तिगत एवं सामाजिक कल्याण की भावना को भी मजबूत करता है।

इस अवसर पर यजमान के रूप में डॉ. गिरेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, उमाशंकर सिंह तथा जनार्दन यादव ने विधि-विधान से पूजन में भाग लिया। मंदिर समिति एवं ग्रामीणों के सहयोग से आयोजन की व्यवस्था सुचारु रूप से की गई है। आगामी दिनों में भी विभिन्न वैदिक अनुष्ठान, हवन एवं पूजन कार्यक्रम संपन्न होंगे। श्रद्धालुओं में इस धार्मिक आयोजन को लेकर विशेष उत्साह और आस्था देखने को मिल रही है।